Thursday, 20 August 2015

Kal Chaudavi Ki Raat "कल चौदहवीं की रात" By Jagjit Singh


Movie /Album - Khamoshi
Singer - Jagjit Singh
Songh - Kal Chaudhvi Ki Raat Thi

कल चौदहवीं की रात थी, शब भर रहा चर्चा तेरा
कल चौदहवीं की रात थी
कुछ ने कहा ये चाँद है, कुछ ने कहा चेहरा तेरा
कल चौदहवीं की रात थी
1. हम भी वहीं मौजूद थे, हम से भी सब पूछा किए
हम हंस दिए हम चुप रहे, मंजूर था परदा तेरा
कल चौदहवीं की रात थी
2. इस शहर में किस्से मिले, हम से तो छूटी महफिलें
हर शख्स तेरा नाम ले, हर शख्स दीवाना तेरा
कल चौदहवीं की रात थी
3. कूचे को तेरे छोड़कर, जोगी ही बन जायें मगर
जंगल तेरे पर्वत तेरे, बस्ती तेरी सेहरा तेरा
कल चौदहवीं की रात थी


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